नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawahar Lal Nehru University) में नकाबपोशों द्वारा किए गए हमले को लेकर देश भर के विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन शुरू हो चुके है। सीधे तौर पर इस हिंसा के लिए बीजेपी और संघ परिवार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

इसी बीच बॉलीवुड एक्टर और सावधान इंडिया के होस्ट रह चुके सुशांत सिंह (Sushant Singh) ने भी ट्वीट कर सवाल उठाया कि स्ट्रीट-लाइट और इंटर्नेट बंद कर के, CCTV कैमरे तोड़ कर और मुँह छिपा कर चोर और आतंकवादी आते हैं, देशभक्त नहीं।

तो वही अपने ट्वीट में रितेश देशमुख ने कहा कि आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत क्यों पड़ गई? उन्होने लिखा, लिखा, “आपको अपना चेहरा ढकने की जरूरत क्यों पड़ी? क्योंकि आप जानते थे कि आप कुछ गलत, अवैध और सजा के लायक काम कर रहे हैं। इसमें कोई सम्मान की बात नहीं है। जेएनयू में नकाबपोश गुंडों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर नृशंसतापूर्ण हमले का दृश्य काफी भयानक है। ऐसी हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।”

इसी बीच नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हिंसा पर दुख जताते हुए सोमवार को कहा कि विश्वविद्यालयों में भय के माहौल के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को देश के छात्र संगठनों के साथ सीधा संवाद करना चाहिए

सत्यार्थी ने एक बयान में कहा, ‘‘जेएनयू में नक़ाबपोश उपद्रवियों द्वारा की गई हिंसा बेहद दुखद है. यदि जामिया व जेएनयू के छात्रावासों में हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो इससे ज़्यादा शर्मनाक बात नहीं हो सकती। हमलावर जो भी हों, छात्र नहीं हो सकते। देश के सभी छात्र संगठन हिंसा का विरोध करें।”

उन्होंने कहा, ‘‘विश्वविद्यालयों में बढ़ रही हिंसा, अराजकता और भय के मद्देनज़र, मैं आदरणीय भाई नरेंद्र मोदी से आग्रह करता हूं कि वे तुरंत देश भर के विश्वविद्यालयों के छात्र संघों और राष्ट्रीय छात्र संगठनों से सीधा संवाद करें।”

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