akshay kumar

बॉलीवुड कलाकार अक्षय कुमार को पंजाब पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के मामले में तलब किया है। उनके साथ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को भी तलब किया गया है।

एसआईटी के आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, ‘2015 में हुए बेअदबी के विभिन्न मामलों और फायरिंग के बाद कोटकपुरा थाने में दर्ज मामले के संबंध में तीनों को समन जारी किए गए हैं। बरगाड़ी में अपमान और कोटकपुरा तथा बहिबल कलां में फायरिंग के संबंध में जांच के लिए सभी को उपस्थित रहने को कहा गया है।’

इस मामले में ऐक्टर अक्षय कुमार पर जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में संगीन आरोप लगे थे। आरोपों के मुताबिक अक्षय ने 20 सितंबर 2015 को अपने फ्लैट पर तत्कालीन डेप्युटी सीएम सुखबीर सिंह बादल और डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के बीच बैठक करवाई। इस दौरान श्री तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह भी मौजूद थे।

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इसी मीटिंग के दौरान ही डेरा प्रमुख की फिल्म को पंजाब में रिलीज करने पर मुहर लगी। हालांकि अक्षय इन आरोपों को नकारते रहे हैं। अक्षय ने अपनी सफाई में कहा था कि अपने पूरे जीवन में वह कभी भी राम रहीम से नहीं मिले हैं।

अक्षय कुमार ने इस वक्तव्य में लिखा है कि ऐसा ध्यान में आ रहा है कि मेरे बारे में कुछ गलत जानकारियां और गलत बातें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है कि मैं गुरमीत राम रहीम सिंह नामक किसी व्यक्ति को मिला हूं जिसमें मेरे साथ सुखबीर सिंह बादल भी थेl मैं बड़ी विनम्रता से कुछ तथ्य बताना चाहता हूंl

अक्षय ने आगे लिखा है, मुझे पंजाबी होने पर गर्व है और मैं सिख धर्म के प्रति बहुत आदर रखता हूंl मैं तिल के बराबर भी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे मेरे पंजाबी भाइयों और बहनों की भावनाओं को दुख पहुंचेl उनके प्रति मेरे मन में बहुत आदर और प्रेम हैl ऊपर लिखे हुए सभी वक्तव्य पूर्णतया सत्य हैंl मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं जो लोग इसे गलत साबित कर दें

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