दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा गुरमेहर कौर मामले में दो दिग्गज क्रिकेटर आमने-सामने हैं. वीरेंद्र सहवाग पहले  अब गौतम गंभीर भी कूद चुके हैं. उन्होंने गुरमेहर कौर का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि इस देश में अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है. इस बात को समझने की जरूरत है और इसे रोजाना जिंदगी के हर क्षेत्र में अपनाना है.

गंम्भीर ने कहा है कि ‘मैं अपनी सेना से बेहद सम्मान करता हूं. इनकी सेवा देश के लिए है और वह बेजोड़ है. हाल की घटनाओं से मैं आहत हूं. हम स्वतंत्र देश में रहते हैं, जहां सभी अपनी राय रख सकते हैं. अगर कोई शहीद की बेटी शांति के उद्देश्य के लिए पोस्ट लिखती है तो यह उसका अधिकार है. ऐसे मौके पर लोगों को खुद को देशभक्त साबित करने की जरूरत नहीं है. न ही उस लड़की को किसी गैंग के सामने देशभक्ति साबित करने की जरूरत है. वह एक नागरिक होने के नाते अपनी राय रखने का अधिकार है. लोग उस लड़की की राय से सहमत या असहमत हो सकते हैं, पर किसी को उसे गलत साबित करने का अधिकार नहीं है.’

गंभीर के ट्वीट के बाद सहवाग ने भी अपने ट्वीट पर सफाई दी, और कहा, “मेरे ट्वीट गुरमेहर के लिए नहीं थे. यह पूरी तरह से मजाकिया थे. सहमति और असहमति का तो सवाल ही नहीं था”  उन्होंने आगे कहा, इस देश में किसी को भी अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. गुरमेहर को अपनी बात कहना का पूरा हक है और जो लोग उसे रेप या मारने की धमकी दे रहे हैं, उनसे ज्यादा कोई नहीं गिर सकता.”


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