भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पर्थ टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई ओपनर एरॉन फिंच की साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे उन्हें बिना आउट हुए ही मैदान छोड़कर जाना पड़ा। दरअसल, शमी की एक घातक गेंद पर फिंच को चोट लग गई थी और इस कारण से उन्हें मैदान छोड़कर जाना पड़ा।

ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद बताया कि उऩकी अंगुली में फ्रेक्चर नहीं हुआ है और वो दूसरी पारी में फिर से बल्लेबाज़ी के लिए आ सकते हैं। दूसरी पारी में जब ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना कोई विकेट गंवाए 33 रन था तभी मोहम्मद शमी की एक तेज़-तर्रार गेंद फिंच की अंगुली में लगी। उन्हें ये चोट चायकाल से ठीक पहले लगी थी। गेंद इतनी ज़ोर से लगी थी कि फिंच ने तुरंत ही अपना गलब्स उतार के फेंक दिया। इसके बाद फीजियो ने उऩकी अंगुली की जांच की। उनकी चोट को ठीक होने में ज़्यादा वक्त लग रहा था तो अंपायरों ने चायकाल घोषित कर दिया।

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फिंच की चोट से पहले मार्कस हैरिस भी भारतीय तेज गेंदबाजी का शिकार हुए। आठवें ओवर में जसप्रीत बुमराह की एक गेंद मार्कस हैरिस के सीधे हेलमेट से जा टकराई। बुमराह की इस गेंद को हैरिस ठीक से जज नहीं कर पाए थे और जब वे डक करने के लिए झुके, तब तक गेंद हेलमेट से टकरा चुकी थी। अंपायर ने तुरंत मेडिकल टीम को मैदान पर बुलाया। हालांकि, हैरिस को ज्यादा चोट नहीं लगी थी और वे जल्दी ही खेलने को तैयार हो गए।

उस्मान ख्वाजा को भी बैटिंग करते हुए चोट लगी

मोहम्मद शमी लगातार छोटी गेंदें फेंककर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों की परीक्षा ले रहे थे। उनकी एक ऐसी ही गेंद उस्मान ख्वाजा की उंगलियों में गेंद लगी। ख्वाजा जब अपनी उंगलियों को देख रहे थे, तब तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी उन्हें देखकर मुस्कुराते नजर आए। हालांकि, यह ऐसी चोट नहीं थी, जिससे ख्वाजा की बैटिंग प्रभावित होती।

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