स्पॉट फिक्सिंग के बारे में अफरीदी का बड़ा खुलासा, बोले – मुझे पहले से ही थी जानकारी

9:40 am Published by:-Hindi News

पाकिस्तान के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी शाहिद अफरीदी अपनी आत्मकथा ‘गेम चैंजर’ में हर रोज एक नए खुलासे कर रहे हैं। अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में कहा है कि साल 2010 में हुए स्पॉट फिक्सिंग कांड से पहले उन्होंने अपने टीम साथी सलमान बट्ट, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ की गलत कामों से टीम प्रबंधन को अवगत कराया था।

अफरीदी ने कहा कि उन्होंने जब इस मामले को टीम प्रबंधन के साथ उठाया तो फिर इसका हर्जाना उन्हें टेस्ट कप्तानी छोड़कर उठाना पड़ा।  ईएसपीएन क्रिकइंफो ने अफरीदी की आत्मकथा का एक अंश प्रकाशित किया है।  इसमें उनका कहना है कि वह एजेंट मजहर माजीद, जो इस इस कांड के सबसे साजिशकर्ता और खिलाड़ियों के बीच हुए संदिग्ध बातचीत से अवगत थे। उन्होंने कहा कि ये बातचीत 2010 के श्रीलंका दौरे पर एशिया कप के दौरान हुआ था।

स्पॉट फिक्सिंग मामला अगस्त 2010 में पाकिस्तान टीम के इंग्लैंड दौरे पर प्रकाश में आया जब तत्कालीन कप्तान सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर पर आईसीसी ने प्रतिबंध लगा दिया। अफरीदी ने कहा कि मामला उजागर होने से पहले उन्होंने टीम प्रबंधन को सबूत दिए थे लेकिन उनके कार्रवाई नहीं करने पर वह काफी बरसे भी थे।

अफरीदी ने लिखा, “मैंने रैकेट में शामिल मूल सबूतों को पकड़ लिया था, जो फोन संदेश के रूप में स्पॉट फिक्सिंग विवाद में शामिल खिलाड़ियों खिलाफ था। जब मैं उस सबूत को टीम प्रबंधन के पास ले गया और फिर इसके बाद आगे जो कुछ हुआ उसे देखकर पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को चलाने वालों पर ज्यादा विश्वास नहीं होता।”

उन्होंने कहा कि वह जून 2010 में एशिया कप के लिए श्री लंका में थे जब उन्हें मजीद और बट के एजेंट और मैनेजर के एसएमएस मिले। उन्होंने कहा कि मजीद उस समय अपने परिवार के साथ श्री लंका में था और एक बीच पर उसके छोटे बेटे ने उसका मोबाइल पानी में गिरा दिया था। अफरीदी ने कहा, ‘जब मजीद इंग्लैंड लौटा तो वह फोन दुरूस्त कराने ले गया। फोन दुकान पर कुछ दिन रहा। यह इत्तेफाक की बात है कि दुकानदार मेरे दोस्त का जानकार था। फोन ठीक करते समय दुकानदार ने मजीद के मेसेज देखे। उसने मेरे दोस्त को बताया जिससे मुझे पता चला।’

उन्होंने कहा, “जब मुझे वे संदेश श्रीलंका में मिले तो फिर मैंने उस संदेश को टीम के कोच वकार यूनुस को दिखाया। दुर्भाग्य से, उन्होंने इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया। वकार और मैंने सोचा कि यह कुछ ऐसा है जिससे कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।”  अफरीदी ने कहा, “यह कुछ ऐसा था कि जितना बुरा दिख रहा था, उतना था नहीं। यह सिर्फ खिलाड़ियों और माजीद के बीच की एक घिनौनी बातचीत थी। ये मैसेज ज्यादा हानिकारक नहीं थे लेकिन यह कुछ ऐसा था जिसे कि दुनिया बाद में पता लगा ही लेती।”

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