साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपर स्टार सूर्या शिवकुमार के खिलाफ NEET परीक्षा पर दिये गए बयान को लेकर बड़ी राहत मिली है। मद्रास उच्च न्यायालय ने बयान को अनावश्यक मानते हुए अवमानना (Contempt) की कार्रवाई से इंकार कर दिया है।

मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि अभिनेता की टिप्पणी  “अनावश्यक और अनुचित” है। हालांकि, फैसले में कहा कि उन पर अवमानना की कार्यवाही नहीं होगी। अदालत ने कहा, “सिने एक्टर की ओर से दिया गया कथन अनावश्यक और अनुचित है।”

कोर्ट ने कहा, “हमारे विवेकपूर्ण नजरिये से यह मामला आगे बढ़ाने लायक नहीं है। हम एडवोकेट जनरल की ओर से दिए गए विचार से पूरी तरह से सहमत हैं।” इससे पहले, मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस एम बालासुब्रमण्यम ने सूर्या शिवकुमार के खिलाफ अवमानना का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था।

उन्होने कहा था कि ‘यह बयान मेरे विचार में कोर्ट की अवमानना है। इससे माननीय जजों की संप्रभुता के साथ ही महान देश की न्‍याय प्रणाली को कमतर आंका गया है। साथ ही बुरी तरह से इसकी आलोचना भी की गई है। इससे आम लोगों की ओर से न्‍याय प्रणाली पर किए जाने वाले भरोसे पर खतरा उत्‍पन्‍न होता है।’

चीफ जस्टिस को भेजे अपने पत्र में न्यायाधीश एस एम सुब्रमण्यम ने कहा, “बयान से पता चलता है कि माननीय जज को अपनी जान का खतरा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्याय प्रदान करते हैं। जबकि, उनका कोई मनोबल नहीं है कि वे छात्रों को बिना किसी डर के नीट परीक्षा में बैठने का निर्देश देते हुए आदेश पारित करें।”

बता दें कि  सूर्या ने अपने बयान में कहा था, ‘कोरोना वायरस संक्रमण से जीवन पर खतरे के साथ अदालत वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये न्‍याय दे रही है और छात्रों को आदेश देती है कि बिना डर के जाओ और परीक्षाएं दो।’

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