निर्भया गैंगरेप के मामले में चारों दोषियों को 7 साल के बाद तिहाड़ जेल में शुक्रवार सुबह फांसी की सजा दे दी गई। इस मामले में तीन डेथ वारंट पर किसी न किसी वजह से फांसी पर रोक लगी लेकिन कोर्ट के चौथे डेथ वारंट पर चारों दोषियों को फांसी की सजा दी गई।

ऐसे में बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस प्रीति जिंटा (Priety Zinta) ने न्यायिक व्यवस्था के ढीले रवैये पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होने ट्वीट कर कहा, अगर निर्भया के दोषियों को 2012 में ही फांसी दे दी जाती तो महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों में कमी देखने को मिलती। कानून का डर लोगों के अंदर देखने को मिलता। अब समय आ गया है कि भारत सरकार इस दिशा में कुछ कड़े कदम उठाए।

 अपने अगले ट्वीट में प्रीति जिंटा (Priety Zinta) ने लिखा, “आखिरकार निर्भया (Nirbhaya Case) का केस अपने अंत तक पहुंचा। मैं आशा करती हूं कि यह और भी तेजी से हो सकता था, लेकिन मैं इसपर भी खुश हूं। आखिरकार वह और उसके माता-पिता शांति में रह सकेंगे।”

वहीं रितेश देशमुख ने ट्वीट कर अपने विचार रखे हैं, रितेश लिखते हैं- कड़े कानून, कड़ी सजा और न्यायपालिका का तेजी से फैसला लेना जरूरी है क्योंकि तभी उन राक्षसों में खौफ पैदा होगा जो ऐसी बर्बरता को अंजाम देते हैं।

बता दें कि निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, विनय और पवन को शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे फांसी पर लटका दिया गया। सात साल से ज्यादा लंबे समय के बाद आखिरकर निर्भया को इंसाफ मिल गया। कोर्ट की तरफ से मौत की सजा सुनाए जाने के बाद फांसी के लिए कई तारीखें तय हुईं, लेकिन दोषी कोई न कोई तिकड़म अपनाकर बच ही जाते थे।

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