कबाड़ की दुकान पर मिली शायर साहिर लुधियानवी के हाथों लिखी नज़्में और तस्वीरें

5:33 pm Published by:-Hindi News

मुंबई. मैं पल दो पल का शायर हूं…, कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है… जैसे सदाबहार गीत लिखने वाले मशहूर शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी की बेशकीमती हस्तलिखित पत्र, डायरियां, नज्में और ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें मुंबई के जुहू में एक कबाड़ी की दुकान से मिलीं।

एक अलाभकारी संगठन फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन ने इन चीजों को संरक्षित रखने के लिए इन्हें 3000 रुपये की कीमत में खरीद लिया है। आगे संगठन की योजना इन पत्रों, डायरियों और नज़्मों को संरक्षित रखने और उनके प्रदर्शन करने की है।

इस संस्था के स्थापक शिवेंद्र सिंह डुंगरपुर ने बताया कि प्राप्त हुई चीजों में उस दौर के संगीतकार रवि, उनके कुछ दोस्त और कवि हरबंस द्वारा साहिर को लिखे गए कुछ लेटर भी शामिल हैं। इनमें कुछ लेटर अंग्रेजी में और बाकी के उर्दू में हैं। लिखी गई नज्मों में कुछ उर्दू में हैं।

जहां तक मिली हुई तस्वीरों की बात है तो इनमें कुछ निजी तस्वीरें हैं और कुछ तस्वीरें उनकी बहनों, दोस्तों और पंजाब स्थित उनके घर की हैं। इन नज्मों पर अध्ययन कर ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इनमें से कौन सी अभी तक प्रकाशित नहीं हुई हैं।

शिवेंद्र ने आगे बताया कि ये घटना उन्हें गुरुदत्त की फिल्म प्यासा के एक सीन की याद दिलाती है जिसमें उनकी ढेरों नज्में और कृतियां कबाड़ की दुकान पर मिली थीं।

Loading...