बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फिल्म अभिनेता आमिर खान (Actor Aamir Khan) के खिलाफ उस क्रिमिनल पिटीशन (Criminal petition) को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिसमे उनके खिलाफ धारा 153(ए) (बी) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई थी।

बता दें 2005 में आमिर खान (Aamir Khan) ने कहा था, ‘देश में असहिष्णुता के माहौल के चलते उन्हें और उनकी पत्नी को भारत में रहने से डर लगता है।’ इस बयान के खिलाफ रायपुर के दीपक दिवान ने नीचली अदालत में परिवाद पेश किया, जो कि खारिज कर दिया गया था।

अपने परिवाद में उन्होंने कहा था कि आमिर के बयान से देश की अखंडता और सुरक्षा को खतरा है। यह धारा 153ए व 153 बी का उल्लंघन है। मजिस्ट्रेट ने उक्त धाराओं के तहत संज्ञान लेने के लिए केंद्र व राज्य शासन से अनुमति लेना आवश्यक माना था। साथ ही बिना अनुमति के सीधे परिवाद पेश करने के कारण मामले को खारिज कर दिया था। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश ने भी इस मामले की अपील को खारिज कर दिया था।

इसके बाद दिवान ने एडवोकेट अमीकांत तिवारी के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका लगाई। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट (Chhattisgarh High Court) ने कहा कि किसी के दिए गए बयान से देश की अखंडता व सुरक्षा को खतरा है या नहीं यह तय करना केंद्र और राज्य शासन की जांच का विषय है। इसलिए इस मामले में किसी भी व्यक्ति को दखल देने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

मामले में आमिर खान की तरफ से भी वकील डीके ग्वालरे ने पक्ष रखा। उनका कहना था कि मजिस्ट्रेट ने तर्क संगत और विधि अनुरूप ही निर्णय दिया है, क्योंकि जिन धाराओं का उल्लेख किया गया है, वह केंद्र व राज्य शासन की जांच का विषय है और उनका क्षेत्राधिकार है। इसमें किसी निजी व्यक्ति को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। जस्टिस संजय के अग्रवाल ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया है।

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