नई दिल्ली,कभी आपने गौर किया है, बॉलीवुड में फिल्मों की शूटिंग स्पॉट को लेकर एक परंपरा चलती है। आमतौर पर एक दौर में एक ही तरह के स्पॉट खूब दिखाई देते हैं। अभी आपने सुना होगा कि शाहरुख खान की फिल्म ‘दिलवाले’ की शूटिंग दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित देश ‘बुल्गारिया’ में हुई। फिल्म के गाने ‘रंग दे तू मोहे गेरुआ’ की मेकिंग का वीडियो लॉन्च कर शाहरुख ने उस जगह की खूब तारीफ भी की।
लेकिन यह फिल्म पूरी तरह से शूट भी नहीं हो पाई थी कि एक और बड़े अभिनेता अपनी टीम लेकर वहां अपनी फिल्म शूट करने पहुंच गए। वह अभिनेता हैं, अजय देवगन। इस साल दिवाली पर आने वाली उनकी फिल्म ‘शिवाय’ का काफी हिस्सा बुल्गारिया में शूट किया गया है।
असल में बुल्गारिया के कानून और लोग फिलहाल फिल्मों की शूटिंग के लिए लचीले हैं। बहुत मुमकिन है कि आने वाले दिनों में कई बार आपको बॉलीवुड फिल्मों में बुल्गारिया देखने का मौका मिले। लेकिन बीते 10 सालों के सिनेमा एक खास जगह बॉलीवुड फिल्मों में छाई हुई है। बॉलीवुड के अधिकांश निर्देशक घूम-फिर कर अपनी फिल्म शूट करने वही पहुंच रहे हैं। कौन सी है वो जगह, जानिए अगले स्लाइड में।
लेकिन बीते 10 सालों में लोकप्रिय हिन्दी सिनेमा में दिल्ली का जैसे एकाधिकार हो गया है। इसका सिलसिला शुरू हुआ साल 2006 में आई दिबाकर बनर्जी की फिल्म ‘खोसला का घोंसला’ से। इसमें पहली बार इंडिया गेट, लाल किला के बजाय ‘साउथ दिल्ली’ का तिमंजिला घर दिखाया गया।
इसके बाद ‘ओये लक्की लक्की ओये’, ‘दो दूनी चार’, ‘बैंड बाजा बरात’ के कई दृश्य दिल्ली के ‘जनकपुरी’ और ‘सैनिक फॉर्म’ जैसी जगहों में शूट किए गए। फिर अनुराग कश्यप की ‘देव डी’ में पहाड़गंज की अंधेरी गलियां दिखीं।
इसके बाद इम्तियाज अली ने दिल्ली को अपना अड्डा बनाया। उन्होंने ‘लव आजकल’, ‘रॉकस्टार’ के काफी हिस्से उन्होंने दिल्ली में शूट किया। उनकी हालिया रिलीज ‘तमाशा’ की भी शूटिंग दिल्ली में हुई थी। दिल्ली को सबसे नजदीक से दिखाया आनंद एल राय ने। उन्होंने ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ की पूरी कहानी दिल्ली आधारित रखी।