अभिनेता नसीरुद्दीन शाह व शबाना आजमी समेत मुस्लिम समाज की करीब 100 प्रमुख हस्तियों ने सोमवार को अयोध्या पर सुनाए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने संबंधी फैसले का विरोध किया है।

इनका कहना है कि रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मामले के कुछ पक्षकारों का पुनर्विचार दायर करने के फैसला विवाद को जिंदा रखेगा और मुस्लिम कौम को नुकसान पहुंचाएगा। इस मामले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने का विरोध करने वाले बयान पर दस्तखत करने वालों में इस्लामी विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, पत्रकार, कारोबारी, शायर, अभिनेता, फिल्मकार, थिएटर कलाकार, संगीतकार और छात्र शामिल हैं।

बयान के अनुसार, ‘हम भारतीय मुस्लिम समाज, संविधान विशेषज्ञ और धर्मनिरपेक्ष संगठनों की उस नाराजगी के साथ हैं कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने फैसला सुनाते वक्त विश्वास को कानून से ऊपर रखा। हम इससे सहमत हैं कि कोर्ट का आदेश न्यायिक रूप से त्रुटिपूर्ण है, लेकिन हमें मजबूत विश्वास है कि इस मुद्दे को जिंदा रखने से भारतीय मुस्लिम समाज को नुकसान ही होगा।’ बयान पर अंजुम राजाबली व पत्रकार जावेद अहमद ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ भूमि को रामलला विराजमान को दे दी। पांच न्यायाधीशों वाली पीठ ने मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी देने का आदेश दिया।

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद (अरशद मदनी गुट) ने शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय किया है।

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