Tuesday, December 7, 2021

मलिका-ए-गज्जल बेगम अख्तर को सुनने के लिए जब लगी थी मदीने में भीड़

- Advertisement -

begam

मल्लिका-ए-गजल के नाम से मशहूर बेगम अख्तर का आज यानि 7 अक्टूबर को 103वां जन्मदिन है. बेगम अख्तर का जन्म आज ही के दिन फैजाबाद में हुआ था.

1938 में वह आइडियल फिल्म कंपनी के काम के लिए लखनऊ आई थीं. हालांकि 1941 में मुंबई चली गई लेकिन ये शहर उन्हें पसंद नहीं आया और वह लखनऊ आ गईं. भातखंडे में वह एक लंबे अरसे तक विजीटर प्रफेसर रहीं. उनके निधन के बाद पार्थिव शरीर उनकी वसीयत के मुताबिक ठाकुरगंज के पास पसंदबाग में अपनी मां के पास ही दफन किया गया. बेगम अख्तर को भारत सरकार की और से प्रतिष्ठित सम्मान पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है.

मल्लिका-ए-गजल को सुनने के लिए लगी थी मदीने में भीड़:

मुंबई में एक संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची बेगम अख्तर ने अचानक ही हज पर जाने का फैसला कर लिया. वे  बिना किसी ख़ास तैयारी के मक्का के लिए रवाना हो गई. अचानक आने के कारण जब वे मदीना पहुंची तो उनके पास पैसे नहीं थे.

ऐसे में उन्होंने हजरत मोहम्मद (सल्ल.) की शान में मदीने की गलियों में बैठकर नात पढ़ना शुरु कर दिया. देखते ही देखते उन्हें सुनने के लिए लोगो की भीड़ लग गई. और लोगों ने ऊन्हे पहचान लिया. तुरंत ही उन्हें मदीना के एक रेडियों स्टेशन ने नात रिकार्डिंग के लिए आमंत्रित कर लिया.

बेगम अख्तर की 103वीं बर्थ एनिवर्सरी पर गूगल उन्हें याद कर रहा है. इस मौके पर गूगल ने एक खास डूडल तैयार किया है. इस डिजाइनर डूडल में बेगम अख्तर सितार बजाती दिख रही हैं. वहीं कुछ हाथ में फूल लिए नीचे बैठे नजर आ रहे हैं.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles