Sunday, August 1, 2021

 

 

 

कादर खान अब भी अस्पताल में भर्ती, ऑल इंडिया रेडियो ने जारी की थी नि’धन की फर्जी खबर

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दिग्गज अभिनेता और डायलॉग रायटर कादर खान के नि’धन की खबर को
उनके बेटे सरफराज ने खारिज कर दिया है। सरफराज ने कहा कि उनके पिता की नि’धन की बात अफवाह है, वो अब भी अस्पताल में हैं।

सरफराज ने कहा, ‘ये बातें फर्जी हैं और सिर्फ अफवाहे हैं, मेरे पिता अस्पताल में हैं।’ आपको बता दें कि कादर खान को सांस लेने में तकलीफ है। डॉक्टर्स ने उन्हें रेगुलर वेंटीलेटर से हटाकर BiPAP वेंटिलेटर पर रखा है। उनका ये बयान ऑल इंडिया रेडियो के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कादर खान की मृत्यु की खबर के ट्वीट के बाद आया है।

कादर खान के बेटे के मुताबिक वो दिमाग की एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया है। कादर, प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लियर पाल्सी डिसऑर्डर नाम की बीमारी से ग्रसित हैं और आखिरी बार साल 2015 में फिल्म ‘दिमाग का दही’ में वो नज़र आए थे। कादर खान लंबे समय कनाडा में अपने बेटे सरफराज़ और बहू शाइस्ता के साथ रह रहे है।

कादर खान का जन्म 22 अक्टूबर, 1937 को काबुल में हुआ। उन्होंने 1973 में ‘दाग’ फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसमें राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे। इससे पहले वह रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ‘जवानी-दिवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। एक पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्में लिखी। 

ऐक्टर कादर खान ने मनमोहन देसाई के साथ मिलकर ‘धर्म वीर’, ‘गंगा जमुना सरस्वती’, ‘कुली’ ‘देश प्रेमी’, ‘सुहाग’, ‘अमर अकबर एंथनी’ और मेहरा के साथ ‘ज्वालामुखी’, ‘शराबी’, ‘लावारिस’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्में लिखी। खान ने ‘कुली नंबर 1’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘कर्मा’, ‘सल्तनत’ जैसी फिल्मों के संवाद लिखे। उन्होंने करीब 300 फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे थे। 

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