मुंबई. अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक बार फिर मॉब लिंचिंग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होने अपने पुराने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि समाज में खुले तौर पर फैल रही नफरत से परेशान हैं।

नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को मुंबई आयोजित हुए 9th एडिशन ऑफ इंडियन फिल्म प्रोजेक्ट के दौरान एक्टर-डायरेक्टर आनंद तिवारी से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है, जो मैंने कहा वो कहना बहुत जरूरी था। मैं अपने बयान पर कायम हूं।

उन्होने आगे कहा, मैंने उन लोगों से बहुत गालियां सुनी हैं, जिनके पास कुछ और बेहतर करने के लिए नहीं है। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन जो परेशान करने वाला है वो है ये खुली नफरत’।

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राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचारों के कारण फिल्म उद्योग में संबंध प्रभावित होने के बारे में पूछे जाने पर नसीरुद्दीन ने कहा ‘मेरा फिल्म उद्योग और इससे जुड़े लोगों से कभी निकट संबंध नहीं रहा। मैं नहीं जानता कि मेरे विचारों के कारण फिल्म उद्योग में मेरा काम प्रभावित हुआ है। इसलिए भी मुझे नहीं पता क्योंकि मुझे अक्सर ज्यादा काम की पेशकश नहीं हुई। मैं जो महसूस करता हूं, कहता हूं और इसके साथ खड़ा होता हूं।’’

उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब जुलाई में मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को ओपन लेटर लिखे जाने को लेकर पिछले हफ्ते ही बिहार के मुजफ्फरपुर में निर्देशक अपर्णा सेन, अदूर गोपालाकृष्णनन और लेखक रामचंद्र गुहा समेत कई लोगों पर राज-द्रोह का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज की गई।

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