Saturday, June 12, 2021

 

 

 

फिल्म रिव्यु: दमदार अभिनय से सजी कमजोर कहानी ‘रंगून’

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नई दिल्ली | इस शुक्रवार बॉक्स ऑफिस पर शाहिद कपूर, कंगना रानौत और सैफ अली खान की फिल्म ‘रंगून’ रिलीज़ हो गयी. फिल्म रिलीज़ से पहले ही काफी विवादों में रही. पहले कंगना के बेतुके बयान की वजह से और फिर कॉपीराईट के मुकदमो की वजह से. बरहाल फिल्म सिनेमा घरो में लग चुकी है और दर्शको की प्रतिक्रिया का इन्तजार है. आइये हम आपको बताते है की ‘रंगून’ के लिए पैसे खर्च किये जाने चाहिए या नही.

कहानी 

फिल्म की कहानी आजादी से पहले द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान की है. जब देश में महात्मा गाँधी का अहिंसा आन्दोलन और सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिन्द फ़ौज भारत को आजादी दिलाने के संघर्ष कर रही थी. उसी दौर में एक प्रेम त्रिकोण उभरता है जिसके केंद्र में होती है जूलिया ( कंगना). जूलिया को निर्माता निर्देश रूसी बिलमोरिया (सैफ) उसकी माँ से तब एक हजार रूपए में खरीदता है जब वो बहुत छोटी होती है.

रुसी , शादीशुदा होने के बावजूद जूलिया से बेइंतिहा मोहब्बत करता है. इसी बीच अंग्रेजी हुकूमत रंगून में अपने फौजियों के मनोरंजन के लिए जूलिया को वहां भेजने का फैसला करते है. यहाँ एंट्री होती है जमादार नवाब मालिक( शाहिद) की. नवाब को जूलिया का बॉडीगार्ड नियुक्त किया जाता है और कुछ हालातो की वजह से दोनों को एक दुसरे से प्यार हो जाता है.

युद्ध के हालातो के बीच पनपे प्यार को मंजिल मिलती है या नही? क्या प्रेम त्रिकोण की कहानियो की तरह यहाँ भी किसी का त्याग होगा? कंगना आखिर में किसको मिलेगी? इन सवालो के जवाब तो आपको नजदीकी सिनेमा घर में ही जाकर मिलेंगे.

अभिनय और निर्देशन 

पूरी फिल्म कंगना के कंधो पर टिकी है. हालाँकि शाहिद और सैफ ने जोरदार काम किया है लेकीन कही कही कंगना के अभिनय के सामने शाहिद फीके से नजर आते है. मकबूल, हैदर और ओमकारा जैसी फिल्मो को निर्देशन करने वाले विशाल भारद्वाज ने यह फिल्म भी बड़ी मेहनत से बनायी है लेकिन किरदारों में गहराई तक घुसने की उनकी कला, इस फिल्म में नजर नही आती.

फिल्म में युद्ध के कुछ ज्यादा ही सीन डाले गए है. गानों को कही कही बेवजह डाल दिया गया. जो काफी अखरता है. फिल्म का अंत ही बड़ा ही बोझिल है जिसको देखने के बाद दर्शको के मन में एक कसक सी बाकी रह जाएगी. हालाँकि कंगना और शाहिद के बीच कई किस सीन है लेकिन उसमे जूनून की कमी साफ़ दिखाई देती है. निरामत साजिद नदियाडवाला की इस फिल्म को हम देते है तीन स्टार.

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