इंग्लैंड के ऑलराउंडर मोइन अली ने माना है कि वह खेल पर धर्म को तरजीह देंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने धर्म के लिए क्रिकेट को भी छोड़ने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि इस्लाम में उन्हें आजादी मिलती है और यही एक चीज है जिससे में खुशी होती है.

BBC से बात करते हुए अली ने कहा – मेरे मन में हमेशा ये बात चलती है कि मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी है कि मैं इस्लाम, मुस्लमानों और ब्रिटिश एशियन्स का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं. मोईन अली इंग्लैंड के लिए 27 टेस्ट और 39 वनडे खेल चुके हैं. दोनों प्रारूपों में उन्होंने 2-2 शतक लगाए हैं. इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 66 विकेट और वनडे इंटरनैशनल में 39 विकेट हैं.

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उन्होंने कहा कि क्रिकेट अच्छा है लेकिन जैसे जैसे में बड़ा हुआ मुझे एहसास हुआ कि मुझे अपने धर्म से ज्यादा खुशी मिलती है. मैं कल क्रिकेट छोड़ सकता हूं और मेरे लिए ऐसा करना ज्यादा मश्किल नहीं होगा.

जब उनके पूछा गया कि इंग्लैंड में अल्पसंख्यक होने के नाते रहने पर कैसा लगता है तो इसका जवाब देते हुए अली ने कहा, “ये काफी मुश्किल होता है. उम्मीद है कि मैं इससे जल्द बाहर निकल जाऊंगा और सब अच्छा हो जाएगा. ये सब तो जिंदगी का एक हिस्सा है.

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