padm

padm

सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘पद्मावती’ देखने के लिए जयपुर के दो अनुभवी इतिहासकारों को आमंत्रित किया है और उनसे फिल्म पर राय मांगी है. इन इतिहासकारों में प्रोफेसर बी.एल. गुप्ता और प्रोफेसर आर.एस. खांगरोट शामिल हैं.

इस बारे में खांगराट ने कहा, “फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर टकराव सिर्फ करणी सेना और निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली के बीच ही नहीं, बल्कि भंसाली और इतिहासकारों के बीच है, यही वजह है कि हम एक बार फिल्म देखेंगे, जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं.”

गुप्ता ने कहा कि भले ही यह कलात्मक स्वतंत्रता है, लेकिन यह इतिहास की कीमत पर नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम ऐतिहासिक तथ्यों को सर्वश्रेष्ठ ज्ञान से साझा करेंगे और किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेंगे.”

उन्होंने कहा, “फिल्म में जौहर (सामूहिक कुर्बानी) की पुरानी परंपरा को प्रभावी ढंग से दिखाया जाना चाहिए, जिससे दर्शकों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं. फिल्म में रोमांस नहीं होना चाहिए.”

इसके अलावा सीबीएफसी (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) के चेयरमैन प्रसून जोशी ने मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह से भी फिल्म देखने की गुजारिश की है.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें