पहलाज निहलानी शुक्रवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर गीतकार प्रसून जोशी को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है.

फिल्मों में बेवजह या गैर जरूरी रूप से कट लगाने के चलते वे पद संभालने के साथ ही विवादों में रहे. इसके साथ ही कई बार पहलाज  आपत्तिजनक सीन्स वाली फिल्मों को यूए सर्टिफिकेट देने की वजह से भी विवादों में रहे है.

निहलानी 19 जनवरी 2015 को सेंसर बोर्ड के प्रमुख बने थे. निहलानी का कार्यकाल तीन वर्षों का था लेकिन बीच में ही उन्हें पद से हटा दिया गया.

निहलानी खुद को बीजेपी का प्रेरित समर्थक बताते है. हाल ही में उनकी अमर्त्य सेन की डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाने से बड़े पैमाने पर आलोचना हुई थी.

इसी के साथ विद्या बालन को भी सेंसर बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है. वह भारत सरकार की ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की भी ब्रांड एंबैस्डर हैं.




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