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जम्‍मू कश्‍मीर के कठुआ में आठ साल की बच्‍ची से गैंगरेप और हत्‍या के मामले में बॉलीवुड भी न्याय के लिए आवाज उठा रहा है. लेकिन साथ ही बलात्कारियों के समर्थन से हैरान भी है.

बॉलिवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने ट्वीट कर कहा, ‘एक 8 साल की बच्ची को नशीली दवाएं देकर बलात्कार किया गया और फिर हत्या कर दी गई, दूसरी ओर अपने लिए और पुलिस हिरासत में अपने पिता की मौत के लिए न्याय मांग रही है।. हमारे पास दो ही विकल्प हैं या तो आवाज उठाएं या फिर मूकदर्शक बने रहें. जो सही है उसके लिए स्टैंड लीजिए चाहे आप अकेले ही क्यों न खड़े हों.’

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वहीँ टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने कहा- क्या हम इस एक ऐसे देश के रूप में विश्व में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं? अगर आज हम लिंग, जाति, रंग और धर्म से परे जाकर इस 8 साल की बच्ची के लिए साथ खड़े नहीं हो सकते तो फिर कभी किसी चीज के लिए खड़े नहीं हो पाएंगे. इंसानियत के लिए भी नहीं. यह खबर मुझे बीमार कर रही है.

इसके अलावा फरहान अख्तर ने लिखा कि कल्पना कीजिए उस 8 साल की बच्ची के दिमाग में उस समय क्या चल रहा होगा जब उसे नशीली दवाएं देकर बंधकर बनाकर इतने दिनों तक रेप किया गया और फिर हत्या कर दी गई. अगर आप उसके मन के दहशत, डर को महसूस नहीं कर सकते तो आप एक इंसान तक नहीं है. अगर आप पीड़िता के लिए न्याय की मांग नहीं करते तो आप किसी से ताल्लुक नहीं रखते हैं.

वहीं सिमी ग्रेवाल ने लिखा कि संसार में इंसान से ज्यादा निर्दयी जीव और कोई नहीं हो सकता, 8 साल की बच्ची का रेप करने वाले दानव हैं. निर्देशक हंसल मेहता ने न्यूयॉर्क टाइम्स की, आसिफा मामले की उस रिपोर्ट को रिट्वीट किया जिसमें हिंदू राष्ट्रवादी, आरोपियों के बचाव में प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने इस रिपोर्ट का लिंक साझा करते हुए लिखा, क्या यह राष्ट्रवाद है?

सोनम कपूर ने भी इस लेख को साझा करते हुए ट्वीट किया, फर्जी राष्ट्रवादी और फर्जी हिंदू … अभिनेत्री ने लिखा, फर्जी राष्ट्रवादियों और फर्जी हिंदुओं की वजह से शर्मिंदा हूं. मैं विश्वास नहीं कर सकती कि यह मेरे देश में हो रहा है.

अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने लिखा कि अगर इन लोगों के पास हिंदूत्व के लिए जरा भी आदर है तो उन्हें मंदिर में बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। ये लोग नवरात्र करते हैं और देवी मां से प्रार्थना करते हैं और फिर भी बलात्कार करने वाले लोगों के समर्थन में आते हैं तो इन्हें शर्म आनी चाहिए.

जाने-माने पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने कहा कि लोगों को महिलाओं के अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने लिखा, वह सभी लोग जो महिलाओं के लिए न्याय चाहते हैं उन्हें बलात्कारियों के खिलाफ और इन्हें बचाने वाले लोगों के खिलाफ कठुआ और उन्नाव मामले में आवाज उठानी चाहिए.

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