Sunday, September 19, 2021

 

 

 

भारतीय होने के नाते अपना दर्द शेयर किया, मुस्लिम होने के नाते नहीं: नसीरुद्दीन शाह

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बुलंदशहर हिंसा पर सवाल खड़े करने को लेकर दक्षिणपंथियों के निशाने पर आए फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक चैनल से बात करते हुए कहा कि मुझे अपने बयान पर खेद नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रोल्स के जरिए उन्हें डराया नहीं जा सकता है। मैं डरा नहीं हूं, लेकिन गुस्से में हूं। मैं अपनी चिंता व्यक्त कर रहा हूं। मैं अपने बच्चों के लिए परेशान हूं। मैं बतौर मुस्लिम इंसिक्योर नहीं हूं।

शाह ने अपने पिछले बयान पर कहा कि आप किसी चीज के बारे में तभी बोलते हैं जब उसकी चिंता होती है। समाज में नफरत और सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है। मैं ये बातें एक मुस्लिम शख्स के रुप में नहीं कह रहा हूं। मैं अपनी मुस्लिम पहचान का फायदा नहीं उठाता। एक भारतीय होने के नाते मैंने अपना दर्द शेयर किया था मुस्लिम होने के नाते नहीं।

इससे पहले नसीर ने कहा था कि, इस देश में मेरी चार पुरखें जन्मी हैं और मैं भी इस देश की शांति और भविष्य के लिए फिक्रमंद हूं। मेरा जन्म यहां हुआ है, मेरे बच्चे यहां रहेंगें। मैं इस देश से बहुत प्यार करता हूं और मुझे इसका शोर मचाने की जरूरत नहीं है।

इस पूरे विवाद के बीच अब नसीरुद्दीन शाह ने सुरक्षा लेने से भी मना कर दिया है। मुंबई पुलिस ने नसीरुद्दीन शाह को पुलिस सुरक्षा लेने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। पुलिस को शक है कि कुछ लोग उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं. पुलिस की एक टीम नसीरुद्दीन शाह के घर पहुंची थी।

बता दें कि नसीरुद्दीन शाह ने बुलंदशहर हिंसा पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि
”हमने बुलंदशहर हिंसा में देखा कि आज देश में एक गाय की मौत की अहमियत पुलिस ऑफिसर की जान से ज़्यादा होती है।”

उन्होंने कहा, ”मुझे इस बात से डर लगता है कि अगर कही मेरे बच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा जाए कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा. पूरे समाज में ज़हर पहले ही फैल चुका है।”

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