बीते 31 मई को बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन की कुपोषण की समस्या से लड़ने के लिए ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन के ब्रांड हॉर्लिक्स से जुड़े है। जिसमे वे हॉर्लिक्स के 100 ग्राम वाले नए पैक का विज्ञापन कर रहे है।

इस सबंध मे उन्होने ट्वीट भी किया, ‘मैं कुपोषण से लड़ने के इस अभियान के लिए पहला कदम बढ़ाने जा रहा हूं.’ उन्होंने अपने ट्वीट में हॉर्लिक्स, मीडिया समूह नेटवर्क 18, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय मेनका गांधी, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और भारत सरकार के कार्यक्रम पोषण अभियान को टैग किया.

लेकिन इसी बीच बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, हॉर्लिक्स का यह पैक बच्चों को सेहतमंद बनाने के बजाए, बीमार कर सकता है. यह हम नहीं कह रहे, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्था का कहना है. इस संस्था ने अमिताभ बच्चन से अपील की है कि वे हॉर्लिक्स के इस प्रोडक्ट का विज्ञापन करना छोड़ दें, क्योंकि इसमें निर्धारित मात्रा से ज्यादा ‘शुगर’ यानी चीनी है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

न्यूट्रिशन एडवोकेसी इन पब्लिक इंटेरेस्ट-इंडिया (नापी) ने मेगास्टार अमिताभ बच्चन को सलाह दी है कि हॉर्लिक्स एक हाई-शुगर प्रोडक्ट है. इसके 100 ग्राम वाले नए पैक में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 78 ग्राम है, जिसमें 32 ग्राम सुक्रोज-शुगर है. इसलिए हॉर्लिक्स के इस नए पैक के लोकप्रिय हो रहे विज्ञापन का सीनियर बच्चन प्रचार न करें.

संस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि नया प्रोडक्ट बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक है. इससे बच्चों को भविष्य में मोटापे या अन्य बीमारियां होने का खतरा हो सकता है. विशेषज्ञों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि बच्चों के दैनिक आहार में 10 प्रतिशत से ज्यादा शुगर की मात्रा नहीं होनी चाहिए.

वहीं वर्ष 2016 में WHO ने 6 माह से लेकर 36 महीने तक के बच्चों के आहार के लिए गाइडलाइन जारी की थी. संस्था के विशेषज्ञों के अनुसार, ‘अगर हम इस गाइडलाइन को आधार माने तो हॉर्लिक्स इसके मानकों पर खरा नहीं उतरता. ऐसे में टीवी पर चलने वाले विज्ञापनों में फर्जी बातों का प्रचार करना गलत है.

Loading...