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18वें एशियाई खेलों में रविवार को आठवें दिन घुड़सवारी स्पर्धा में भारत को दो रजत पदक हासिल हुए हैं। ये पदक 36 साल बाद फवाद मिर्ज़ा ने हासिल किए है।

महज 26 साल के फवाद मिर्ज़ा ने सेनोर मेडिकोट नाम के घोड़े के साथ फाइनल में 26.40 सेकेंड में अपनी स्पर्धा को पूरा कर दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर पर कब्जा जमाया। जबकि उनके प्रयासों से टीम भी दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रही।

फवाद ने ऐसे समय में यह उपलब्धि हासिल की जब भारतीय घुड़सवारी टीम को रवाना होने से केवल एक दिन पहले मान्यता कार्ड मिले थे। ऐसा भारतीय घुड़सवारी महासंघ की अंदरूनी कलह के कारण हुआ था क्योंकि ईएफआई ने चयन को अमान्य घोषित कर दिया था।

पांच साल की उम्र से घुड़सवारी सीख रहे मिर्जा ने 2014 में हुए एशियाई खेलों में इसी स्पर्धा में 10वां स्थान हासिल किया था। ऐसे में ये एशियाई खेलों का उनका पहला पदक है। वहीं उन्होंने भारत को 36 साल बाद घुड़सवारी में पदक दिलाकर इतिहास भी रचा है।

भारत ने इससे पहले एशियाई खेलों की घुड़सवारी में तीन स्वर्ण सहित दस पदक जीते हैं लेकिन इस खेल में भारत की तरफ से मिर्जा से पहले आखिरी व्यक्तिगत पदक 1982 में दिल्ली एशियाई खेलों में जीते गये थे। तब रघुवीर सिंह ने स्वर्ण पदक जीता था जबकि भारत के गुलाम मोहम्मद खान ने रजत और प्रहलाद सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया था।

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