Monday, September 20, 2021

 

 

 

बुलेट ट्रेन को लेकर आशुतोष राणा का तंज कहा, उधार की ‘चुपड़ी’ रोटी से अच्छी श्रम से अर्जित की गयी ‘सुखी’ रोटी

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मुंबई | 14 सितम्बर के दिन भारत की पहली बुलेट ट्रेन की आधारशिला रखी गयी. प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस परियोजना का शिलान्यास किया. इस दौरान मोदी ने बताया की यह परियोजना 15 अगस्त 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगी. जब देश की आजादी के 75 साल पुरे हो जायेंगे तो मैं और शिंजो आबे साथ में बुलेट ट्रेन की सवारी करेंगे. बताते चले की यह बुलेट ट्रेन मुंबई से अहदाबाद के रूट पर चलेगी.

इस परियोजना में करीब 1.10 लाख करोड़ रूपए का खर्च आएगा जिसमे से 88 हजार करोड़ रूपए जापान 0.1 फीसदी की ब्याज दर से देगा. यही बात कुछ लोगो को रास नही आ रही है. हालाँकि काफी लोग इसकी तारीफ भी कर रहे है लेकिन आलोचना करने वाली की भी कोई कमी नही है. उनका कहना है की इतनी भारी भरकम रकम से बुलेट ट्रेन चलाने की बजाये, मौजूदा रेल व्यवस्था को सुधारा जाए जिससे ट्रेन हादसों में कमी लायी जा सके.

अब इस कड़ी में फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा का नाम भी जुड़ गया है. उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिये बुलेट ट्रेन परियोजना को कठघरे में खड़ा किया है. उनका कहना है की कर्ज लेकर बुलेट ट्रेन चलाने का कोई औचित्तय नही है. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा,’ हम भारतियों के पास ट्रेन भी है और ब्रेन भी है। हमारे लिए बुलेट ट्रेन से अधिक उपयोगी बुलेट ब्रेन है.’

आशुतोष आगे लिखते है,’हमें चाहिए कि हम अपनी सम्पत्ति का उपयोग भारतीय ट्रेनों को और भारतीय ब्रेनों को बुलेट के जैसा बनाने में खर्च करें, जिससे हम स्वयं की क्षमता पर अपने भारत का नवनिर्माण कर सकें. उधार की ‘घी’ चुपड़ी रोटी से कहीं अधिक सुखद और स्वास्थवर्धक, स्वयं के श्रम से अर्जित की हुई सूखी रोटी होती है. क्योंकि उधार लिया गया ज्ञान हो या मान, शक्ति हो या सम्पत्ति ये कालान्तर में कल्याणकारी नहीं होते. यह सर्वविदित व्याहारिक सत्य है कि उधार, कभी भी उद्धारक नहीं होता.’

पढ़े आशुतोष राणा ने क्या लिखा 

 

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