ऋषि कपूर और तापसी पन्नू अभिनीत फिल्म ‘मुल्क’ 3 अगस्त को रिलीज होने वाली है। इसी बीच फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा ने कहा कि ‘इस मुल्क में न हिंदू दंगा चाहता है और न ही मुसलमान, बस चंद लोग हैं जो इन दोनों को लड़ते देखना चाहते हैं क्योंकि इसमें उनका फायदा है।’

उन्होने कहा कि मज़हब कोई बुरा नहीं है, अगर एक दूसरे पर भरोसा किया जाए और एक दूसरे की नीयत पर शक न किया जाए तो 70 साल की नफरत को 70 घंटे में प्यार और खुलूस में बदला जा सकता है। उन्होने कहा कि अगर जनता न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया से नाता तोड़ ले तो प्यार की बरसात बरसने में ज़्यादा वक़्त नहीं लगेगा।

सिन्हा ने हिंदुओं और मुसलमानों के बारे में बात करते हुए बताया, ‘मैं बनारस का हूं. होश संभाला तो कभी मुरादाबाद, कभी इलाहाबाद तो कभी मेरठ में हिंदू-मुस्लिम फ़साद के बारे में सुनता था। यह दंगे-फ़साद हमेशा मुझे तकलीफ देते थे। फिर मैं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने गया। वहां मैं अल्पसंख्यक था और जब कभी आसपास दंगे-फ़साद या तनाव होता था तो मेरे सारे मुस्लिम दोस्त मुझे उसकी आंच से महफूज़ रखने की कोशिश करते थे। वहां समझ में आया कि मुसलमानों को भी फ़साद पसंद नही है। मतलब ये कि दंगा-फ़साद कोई कौम नहीं चाहती।’

सिन्हा कहते हैं, ‘धर्म जबर्दस्ती की चीज़ नहीं है. कोई मेरे सिर पर बंदूक रख कर ‘जयश्री राम’ बोलने को कहेगा तो मैं नहीं बोलूंगा। मैं हिंदू हूं इस पर मुझे गर्व है. राम मेरे भीतर बसे हैं, लेकिन मैं दिखावा नहीं करता। मेरी मां मुझे रोज़ मंदिर ले जाती थी। आज भी मैं सुबह-शाम पूजा करता हूं। आखिर हिंदू क्यों साबित करे कि वह इस देश से और अपने धर्म से प्यार करता है और मुसलमान क्यों साबित करे कि वह देश प्रेमी है।’

शाहरूख खान की फिल्म ‘रा वन’ और नये सितारों के साथ बनी ‘तुम बिन’ जैसी कई सुपर हिट फिल्में दे चुके सिन्हा अपनी अगली फिल्म में भारतीय राजनीति को हलके फुलके अंदाज में पेश करने जा रहे हैं।

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