आंध्र प्रदेश के राजामुंड्री में एक भयानक मंज़र सामने आया है, जिसमे में एक मस्जिद के अंदर एक शख्स का शव मिला है. शव को देखकर ऐसा लग रहा था मानो इस शख्स पर किसी ने लाठियों से ज़ोरदार हमले किये हों. हालांकि यह घटना एक दिन घटना एक दिन पहले की है और शुक्रवार यानी आज यह मामला हर तरफ सुर्ख़ियों में छाया हुआ है.

आसपास के इलाके के लोगों मुताबिक, पिछले चार महीनों से 61 वर्षीय मोहम्मद फारूख, बिहार के रहने वाले है, लेकिन पिछले चार महीनों से लालाचेरुवु इलाके के नूरानी मस्जिद में “मुआज़िन” के रूप में काम कर रहे थे. यह शख्स मस्जिद में पांचों वक़्त की अज़ान देता था.

ख़बरों के मुताबिक, फारूख़ को शहर में आये अभी कम ही वक़्त हुआ था और आसपास के लोगों से भी ज्यादा परिचित नहीं थे. वह मस्जिद में एक “मुआज़िन” के तौर पर काम करते है. फारूख़ रोज़ाना सुबह सुबह लोगों को नमाज़ के लिए बुलाता था, लेकिन पड़ोसी तब हैरत में आ गये जब फारूख उन्हें नमाज़ के लिए बुलाने नहीं पहुंचा, जब  पड़ोसी उन्हें देखने मस्जिद में गए तो वह शख्स खून से लतपत ज़मीन पर पड़ा देखा.

source: The News Minute

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हत्या का मामला दर्ज कर दिया गया है, लकिन पुलिस ने अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की है. पुलिस पूरे मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और पता लगाने में जुटी है कि आखिर हत्या को अंजाम कैसे दिया गया.

खबरों के मुताबिक, राजामुंड्री शहरी एसपी, बी राजकुमारी ने कहा कि,”हम अभी मामले से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे सकते, इससे पहले हमे मामले के हर पहलू की सही तहकीकात करने की ज़रूरत है.”

वहीँ राजमुंड्री के अधिकारी ने कहा कि हम बिहार के अधिकारियों के साथ मिल कर पीड़ित के परिवार तक पहुंचने के लिए काम कर रहे है, उन्होंने कहा कि मृतक के शरीर को उनके घर बिहार भेज दिया गया है.

मुस्लिम अधिकार समूह, मुस्लिम समख्या के एक प्रतिनिधि, मुहम्मद इब्राहिम खान के मुताबिक, “फारूख एक बहुत ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे और वह महीने भर का 5,000 रुपये ही कमाते थे और इसी से उनके घर का गुज़ारा होता था.”