copyright

अक्सर हम सभी Copyright (कॉपीराइट ), Trademark के बारे में सुनते हैं. इन शब्दों के स्पष्ट अर्थ को लेकर लोग confuse रहते हैं.दरअसल ये दोनों इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के तहत आते हैं.

  • कॉपीराइट क्या है? भारत में कॉपीराइट से संबंधित कानून क्या है?

 किसी कृति को एकमात्र एवं अनन्य रूप से प्रकाशित एवं उसकी प्रतिलिपियां कराने का अधिकार कॉपीराइट कहलाता है.Copyright Act 1957 इस प्रकार की कृतियों को प्रतिवादी द्वार प्रकाशित कराने से रोकने के लिए इन कृतियों को स्वामी को अधिकार प्रदान करता है.

इस अधिनियम के विषय क्षेत्र के अंतर्गत भौतिक, साहित्यिक, कलात्मक एवं संगीतात्मक रचनाएं शामिल है तथा रचनाओं के स्वामी को कॉपीराइट का एकाधिकार प्राप्त है.यह अधिकार लेखक के जीवन द्वारा तथा उसकी मृत्यु के पश्चात 50 वर्ष की अवधि तक अस्तित्व में रहता है और तत्पश्चात यह समाप्त हो जाता है. 1991 के संशोधन के द्वारा अब इस अवधि को 10 वर्ष और बढ़ा दिया गया है.

  • क्या मुझे कॉपीराइट का दावा करने के लिए औपचारिक रूप से अपना काम पंजीकृत करने की आवश्यकता है?

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कॉपीराइट का दावा करने के लिए आपको काम के औपचारिक पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं है. जैसे ही काम बनता है, कॉपीराइट अस्तित्व में आता है. हालांकि, किसी भी विवाद की स्थिति में, कॉपीराइट के पंजीकरण का प्रमाण पत्र अदालत में सबूत के रूप में माना जा सकता है.

  • किसी काम के लिए कॉपीराइट के पंजीकरण के लिए मैं आवेदन कहां दर्ज कर सकता हूं?

आप 4 वीं मंजिल जीवन दीप बिल्डिंग, नई दिल्ली- 110 001 पर स्थित कॉपीराइट के रजिस्ट्रार के साथ एक आवेदन दर्ज कर सकते हैं. काम के पंजीकरण के लिए आवेदन कॉपीराइट कार्यालय में 2.30 पीएम से दिए गए काउंटर पर भरे जा सकते हैं और यह 4.30 तक भी भरे जा सकते हैं. मध्याह्न के बाद सोमवार से शुक्रवार तक. आवेदन पोस्ट द्वारा भी स्वीकार किए जाते हैं. ऑनलाइन पंजीकरण “ई-फाइलिंग सुविधा” के माध्यम से भी किया जा सकता है, जो आवेदकों को उनके द्वारा चुने गए समय और स्थान पर आवेदन फाइल करने का विकल्प प्रदान करता है.

  • कॉपीराइट अधिनियम के तहत काम पंजीकृत करने के लिए प्रक्रिया और शुल्क क्या है?

नियमों के तहत निर्धारित प्रारूप में संबंधित फीस के साथ पंजीकरण के लिए आपको आवेदन करने की आवश्यकता है.प्रत्येक काम के पंजीकरण के लिए अलग-अलग आवेदन किए जाते हैं. आवेदन आवेदक द्वारा या वकील द्वारा हस्ताक्षरित किया जाना चाहिए .

पंजीकरण के लिए देय शुल्क के ब्योरे के लिए कृपया इस लिंक शुल्क का संदर्भ लें.

  • क्या कंप्यूटर प्रोग्राम कॉपीराइट अधिनियम के तहत पंजीकृत हो सकते हैं?

हां, कॉपीराइट कार्यक्रम कॉपीराइट अधिनियम के तहत “साहित्यिक कार्य” के रूप में पंजीकृत किया जा सकता है. कॉपीराइट अधिनियम की धारा 2 (ओ) के अनुसार, “साहित्यिक कार्य” में कंप्यूटर प्रोग्राम, कंप्यूटर और कंप्यूटर डेटाबेस सहित संकलन शामिल हैं.

  • मैं अपनी वेबसाइट के लिए कॉपीराइट पंजीकरण कैसे प्राप्त कर सकता हूं?

एक वेबसाइट में साहित्यिक कार्यों, कलात्मक कार्यों (फोटोग्राफ इत्यादि), ध्वनि रिकॉर्डिंग, वीडियो क्लिप, सिनेमैटोग्राफ फिल्में और प्रसारण और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर जैसे कई काम शामिल हैं. इसलिए, आपको इन सभी कार्यों के पंजीकरण के लिए एक अलग आवेदन दर्ज करने की आवश्यकता है.

  • पंजीकरण अस्वीकार करने के मामले में मुझे क्या विकल्प चाहिए?

आप कॉपीराइट बोर्ड को आदेश की तारीख से तीन महीने के भीतर कंपनियों के रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील कर सकते हैं.

ट्रेडमार्क

किसी भी शब्द, नाम, प्रतीक, या डिवाइस एक ट्रेडमार्क हो सकता है, Trademark किसी वाणिज्य (Business) की पहचान और एक निर्माता या विक्रेता से निर्मित या दूसरों के द्वारा बेचे माल के माल में भेद करने के लिए, और माल का स्रोत इंगित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. संक्षेप में कहे तो एक ट्रेडमार्क एक ब्रांड का नाम है.

विस्तृत रूप में कहे तो, ट्रेडमार्क किसी भी प्रॉडक्ट या सर्विस की अलग पहचान बताने वाले शब्दों, नाम, सिंबल, आवाज या रंग को प्रोटेक्ट करता है. पेटेंट से अलग, ट्रेडमार्क को हमेशा के लिए रजिस्टर कराया जा सकता. यह तब तक Valid रहता है, जब तक कि इनका इस्तेमाल Business के लिए होता रहे. जैसे कि कोका कोला की बोतल की शेप ट्रेडमार्क के तहत प्रोटेक्ट किया गया है. ट्रेडमार्क एक ब्रैंड नेम और पहचान होता है, जो प्रोडक्ट या सर्विस की मार्केटिंग  में बड़ी भूमिका निभाता है. ट्रेडमार्क का अधिकार किसी दूसरे द्वारा समान सिंबल (शब्द, आवाज, कलर आदि) बनाकर कन्फ्यूज करने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ये किसी दूसरे को वैसा ही प्रॉडक्ट बनाकर अलग मार्क या चिह्न के साथ बेचने से रोकने का अधिकार नहीं देता है.

ट्रेडमार्क भी एक तरीके से बौद्धिक संपदा अधिकार होता है. किसी वस्तु पर मौजूद ट्रेडमार्क से जाहिर होता है कि यह किसी विशेष कंपनी की ओर से बनाया जा रहा है. ट्रेडमार्क का प्रयोग कोई व्यक्ति, व्यावसायिक संगठन या कानूनी इकाई अपने उत्पाद या सेवा के लिए करती है. आमतौर पर किसी नाम, वाक्य, लोगो, विशेष चिन्ह, डिजाइन या चित्र को ट्रेडमार्क बनाया जाता है। कंपनी विशेष के सभी उत्पादों पर उसका ट्रेडमार्क लगा होता है.

कानूनी संस्था ISI मार्क, ISO मार्क, खाद्य उत्पादों में शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों की पहचान के लिए हरे और लाल निशान (ट्रेडमार्क) का इस्तेमाल करती है. ट्रेडमार्क पंजीकृत और गैर-पंजीकृत दोनों तरह के होते हैं.

ट्रेड मार्क का चयन कॆसे करें?

  • यदि यह एक शब्द हॆ तो इसे बोलना, वर्तनी तथा याद रखना आसान होना चाहिये.
  • आविष्कारित शब्द अथवा निर्मित शब्द सर्वश्रेष्ठ ट्रेड मार्क होते हॆं.
  • कृपया भॊगोलिक नाम के चयन से बचें। किसी को भी उसपर एकाधिकार नहीं हो सकता.
  • उत्पाद की गुणवत्ता के वर्णन हेतु प्रशंसासूचक शब्दों (जॆसे बेस्ट, परफ़ेक्ट, सुपर, इत्यादि) के प्रयोग से बचें.

ट्रेड मार्क के लिये कॊन आवेदन कर सकता हॆ तथा कॆसे?

कोई भी व्यक्ति जो ट्रेड मार्क का प्रवर्तक होने का दावा करता हॆ निर्धारित प्रक्रियानुसार इसके पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकता हॆ. आवेदन में ट्रेड मार्क, माल/सेवाये, आवेदक का नाम एवं पता तथा एजेंट का नाम एवं पता (यदि कोई हो तो), पावर आफ़ अटार्नी, मार्क के प्रयोग की अवधि तथा हस्ताक्षर होने चाहिये. आवेदन हिंदी अथवा अंग्रेज़ी में होना चाहिये तथा इसे उपयुक्त कार्यालय में जमा किया जाना चाहिये.

किसी विशेष माल अथवा सेवा के लिये ट्रेड मार्क हेतु आवेदन कॆसे करें?

ट्रेड मार्क्स अधिनियम 1999 के अंतर्गत यह प्रावधान हॆ कि माल तथा सेवाओं का वर्गीकरण इनके अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण के अनुसार किया जाये. वर्तमान में उक्त अधिनियम की अनुसूची IV में विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले माल तथा सेवाओं की सूची का सारांश दिया गया हॆ जोकि मात्र सांकेतिक हॆ. कॊन सा माल अथवा सेवा किस श्रेणी में वर्गीकृत किया जायेगा यह पूर्णतः रजिस्ट्रार के प्राधिकार में आता हॆ. अधिनियम की अनुसूची IV ट्रेड मार्क्स पर इस प्रश्नावली के अंत में संलग्न हॆ.

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