Sunday, January 23, 2022

बीवी का फोन बिना बताए रिकॉर्ड किया तो खैर नहीं, हाई कोर्ट का फैसला पढ़ लीजिए

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अक्सर लोग अपनी पत्नी की फोन पर बातचीत को रिकॉर्ड कर लेते हैं और उसे गलत नहीं समझते हैं। ऐसे में वह व्यक्ति संभल जाए क्योंकि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह लोगों की निजता के अधिकार का उल्लंघन करना है।

दरअसल एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दो टूक कह दिया है कि पत्नी की बिना अनुमति के टेलीफोन पर बातचीत को रिकॉर्ड करना पत्नी के निजता के अधिकार का उल्लंघन करना है। HC ने फैमिली कोर्ट भठिंडा द्वारा फोन रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर स्वीकार करने के फैसले को खारिज कर दिया है।

जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ अपने फैमिली कोर्ट के 29 जनवरी 2020 के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके अनुसार पति को तलाक के मुकदमे में पत्नी के खिलाफ क्रूरता का मामला दर्ज कराने के लिए उसके और पत्नी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत को साबित करके अनुमति दी गई थी।

फैमिली कोर्ट ने कॉम्पैक्ट डिस्क में दर्ज कथित टेलीफोन पर बातचीत साबित करके पति को पत्नी के खिलाफ लगाए गए क्रूरता के आरोप को साबित करने की अनुमति दी थी। लेकिन शीर्ष कोर्ट ने इसे याचिकाकर्ता की पत्नी के मौलिक अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है।

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