Sunday, May 31, 2020
दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सन् 2006 में इस्तीफा देने को सोच लिया था। दरअसल, उस समय उनके पास बिहार विधानसभा को भंग करने का प्रस्ताव आया था, जिस पर उन्हें न चाहते हुए भी हस्ताक्षर करने पड़े थे, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति के आदेश...
एक अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक को 80 साल पूरे हो चुके हैं। 80 साल पहले एक अप्रैल 1935 को ही रिजर्व बैंक की स्थापना की गई थी। इस मौके पर आयोजित एक समारोह में मोदी ने रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की खूब तारीफ की। उन्होंने राजन की...
नई दिल्ली। समझौता धमाके के आरोपी स्वामी असीमानंद के कबूलनामे ने देश में एक बार फिर बवाल खड़ा कर दिया है। सवाल सीधे उन चेहरों पर उठ रहा है जिनके असीमानंद से रिश्ते थे। असीमानंद ने मजिस्ट्रेट के सामने इकबालिया बयान दिया है। वो बयान जिसे देने के बाद...
A professor at an Iowa college says as a Christian, he has to say that Jesus was a Muslim. Ignoring the historical timeline in which Jesus taught some 2,000 years ago in the Middle East and the advent of Islam is dated six centuries later, after Christianity had impacted much...
फरवरी, 1992. अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर के महंत लालदास की हत्या के बाद नए महंत की खोज हो रही थी. वह राम मंदिर आंदोलन और उससे उठे राजनीतिक बवंडर का दौर था इसलिए प्रशासन के माथे पर बल पड़े हुए थे. उसे एक ऐसा महंत ढूंढ़ना था जिसकी छवि...
देश में असहिष्णुता पर आरोप-प्रत्यारोप के दौर में उत्तराखंड में सांप्रदायिक सौहार्द की ऐसी मिसाल सामने आई है जो देश में अन्यत्र मिलनी कठिन है। चार धामों में से एक बदरीनाथ धाम में मंदिर हर रोज गाई जाने वाली आरती एक मुसलिम द्वारा रचित है। यह आरती लगभग डेढ़ सौ...
जयपुर। पाक महीना रमजान इस बार 18 या 19 जून से शुरू हो रहा है, लेकिन रमजान में यह तारीख 36 साल बाद आई है और दोबारा 36 साल बाद आएगी। पिछले साल रमजान का महीना 30 जून से लेकर 29 जुलाई तक चला था, जिसमें बारिश के बाद लोगों...
मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ की नज्म की यह पंक्ति वैसे तो कई मौकों पर गुनगुनाई जाती रही है। मगर हाशिमपुरा के माहौल में जहां सच अपने मायने खो चुका है वहां यह पंक्ति जैबुन निशा के सामने अचानक इस संवाददाता के मुंह से निकल जाती है। जैबुन निशा...
बेशक इस्लाम औरत को हुक्म देता है कि वह पर्दे में रहे। दुनिया के सामने अपने जिस्म और खूबसूरती की नुमाइश (प्रदर्शन) न करें सिवाय उसके शौहर (पति) के। क्यों इस्लाम ने सिर्फ औरतों को ही पर्दे में रहने का हुक्म दिया? क्यों सारी पाबंदियां सिर्फ औरतों के लिए...
तिरुंत्पुरम | दो साल पहले , एक महिला के साथ हुए गैंगरेप की घटना को , मशहूर डबिंग आर्टिस्ट भाग्यलक्ष्मी ने फेसबुक पर लिखा है. कुछ ही देर में भाग्यश्री की यह पोस्ट वायरल हो गयी. इस पोस्ट को लोगो ने खूब शेयर किया. मामले के वायरल होने के बाद...

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