Sunday, August 9, 2020
प्रवीण शर्मा कोरोना एक वैश्विक महामारी है। यह सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व इसकी चपेट में है। लगभग 2 लाख से अधिक लोगों की इस बीमारी से दुखद म्रत्यु हो गई है। 25 लाख से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट मेंआ चुके हैं, हालाँकि काफी लोग...
कोरोना स्वास्थ्य के साथ  आर्थिक आपदा  भी साबित हुआ  है. इसकी वजह से एक बड़ी आबादी के सामने जीवन को का संकट पैदा हो गया है. समाज के सबसे निर्बल तबकों पर इसका बहुत घातक असर पड़ा है. आज करोड़ों की संख्या में पलायन पर गये मजदूर, किसान,बच्चे, महिलाएं,...
आर्थिक मोर्चे पर सबकी गाड़ी पटरी से उतर गई है। आने वाले कुछ सालों तक में खास सुधार नहीं होगा। इस वक्त ही सैलरी इतना पीछे चली जाएगी कि वहां तक वापस आने में कई साल लगेंगे। हमारे देश में सैलरी कम होने या नौकरी जाने का डेटा नहीं...
19 मई को भी स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड-19 पर प्रेस कांफ्रेंस नहीं हुई। 11 मई को आखिरी बार हुई थी। उसके बाद से नियमित प्रेस कांफ्रेंस बंद है। शाम को प्रेस रिलीज आ जाती है जिसे छाप दिया जाता है। एक ऐसे दिन जब कोविड-19 की संख्या एक लाख...
डाक्टर फ़र्रुख़ खान एवं दिनकर तिवारी वर्तमान मे वैश्विक महामारी (covid 19) के इस दौर मे  भारत सरकार द्वारा अब तक चार चरणो का लाँक डाउन यानी जन्ता कर्फ्यू घोषित किया जा चुका है, किन्तु फिर भी हम भारत मे इस महामारी को रोकने मे असफल रहे है और नतिजा...
तारिक अनवर चंपारणी तुर्की द्वारा बनायी गयी सीरियल दिरिलिस अरतगल पर कार्ल मार्क्स के उर्दुनामधारी अनुयायियों को बहुत तकलीफ हो रही है। दिन-रात इंक़लाब-इंक़लाब चिल्लाने वाले यह लोग एक छोटे से काई क़बीला को एक साम्राज्य में बदल जाने को इंक़लाब नहीं समझकर खू'न-खराबा बता रहे है। मुझें नहीं पता...
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन, मलेरिया की दवा है। इस दवा को लेकर शुरू में काफी उत्साह दिखाया गया है। लेकिन अब कोविड-19 के संकट के करीब साढ़े चार महीने बीत जाने के बाद इस दवा को लेकर उत्साह ठंडा पड़ गया है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल ने चीन और फ्रांस में हुए शोध के नतीजों...
अब जबकि पूरा देश लॉकडाउन के बीच फंसा हुआ है, ये ज़रूरी हो गया है कि हम लॉकडॉउन का मतलब, इसकी उत्पत्ति औऱ वैधानिकता के बारे में जानें। हालांकि इस मुद्दे पर तमाम लेख लिखे जा चुके हैं लेकिन इनकी भाषा इतनी ज़्यादा क़ानूनी है कि ये आम आदमी...
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई के अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि इस सदी की शुरूआत में दुनिया में Y2K संकट आया था, तब भारत के इंजीनियरों ने उसे सुलझाया था। प्रधानमंत्री ने जाने-अनजाने में कोरोना संकट की वैश्विकता की तुलना Y2K जैसे एक...
डॉ फर्रुख़ ख़ान, एडवोकेट काफी अरसे से इस मुद्दे पर लिखने की सोच कहा था लेकिन हर तरफ से विरोध के डर से रुक जाता था। आख़िरकार हिम्मत जुटाकर मैंने इस मुद्दे पर साफ-साफ लिखने का फैसला किया। मुझे कहने में झिझक नहीं है कि हमारे समुदाय या क़ौम को एक्टिविस्म...

ताज़ा समाचार