Tuesday, November 19, 2019
मुझसे हंसा नहीं जा रहा है। बहुत लोग हंस रहे हैं। सकल घरेलु उत्पाद जीडीपी की दर 5 फ़ीसदी पर आ गई है। यह हंसी कहीं मुझे क्रूर न बना दे इसलिए सतर्क हूं। लाखों लोगों की नौकरी चली गई है। लाखों लोगों को नौकरी नहीं मिल रही है।...
बैंक फ्राड की राशि पिछले साल की तुलना में 73.8 प्रतिशत अधिक हो गई है। 2017-18 में 41,167 करोड़ का फ्राड हुआ था। 2018-19 में 71,542 करोड़ का फ्राड हुआ है। केस की संख्या के मामले में 15 प्रतिशत की वृद्धि है। फ्राड के 6801 मामले दर्ज हुए हैं।...
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रवीश कुमार जम्मू कश्मीर और लद्दाख के उपराज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि राज्य में 50,000 भर्तियों का पता लगाया गया है। इन पदों पर दो से तीन माह के भीतर अभियान चलाकर भर्ती कर दी जाएगी। उन्होंने यह नहीं बताया कि 50,000 पदों में से ज़्यादातर किस प्रकार...
हिन्दी प्रदेशों के अभिशप्त युवा जो ख़ुद को कश्मीर का एक्सपर्ट समझते हैं, उन्हें सरकारी शिक्षा और नौकरी ने जोकर बना कर रख दिया है। कश्मीर में बीस दिनों से संचार व्यवस्था ठप्प होने को सही ठहराने के नशे में भूल गया है कि वही राज्य उसके साथ भी...
रवीश कुमार समाज और सिस्टम दोनों ने मिलकर लोगों के जीवन को तकलीफदेह बना दिया है। हर कोई दर्द के अंबार पर बैठा है। मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्रों से लाखों वसूले जाते हैं, लाखों छात्र कहीं से भी लाकर पैसे देते हैं। परीक्षा से लेकर मामूली बातों में...
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भारत के निर्यात सेक्टर में पिछले चार साल(2014-18) में औसत वृद्धि दर कितनी रही है? 0.2 प्रतिशत। 2010 से 2014 के बीच विश्व निर्यात प्रति वर्ष 5.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहाथा तब भारत का निर्यात प्रति वर्ष 9.2 प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रहा था। वहां से...
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क्या आपको पता है कि बैंकों के अफ़सर इस महीने क्या कर रहे हैं? वे वित्त मंत्रालय के निर्देश पर चर्चा कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर का कैसे किया जा सकता है। जब बजट के आस-पास 5 ट्रिलियन डॉलर का सपना बेचा...
मेरे व्हाट्स एप के इनबॉक्स में बधाइयों के मेसेज के बीच नौकरियों के मेसेज आने लगे हैं। मैं फिर से उन मेसेज में लोकतंत्र में ख़त्म होती संख्या के महत्व को देखता जा रहा हूं। मेसेज भेजने वाला अपनी नौकरी की समस्या के साथ हज़ारों या लाखों की संख्या...
एपीजे अब्दुल कलाम भी मेरे हैं, ब्रिगेडियर उस्मान भी मेरे हैं। उस्ताद बिस्मिल्ला खान भी मेरे हैं तो वीर अब्दुल हमीद भी मेरे हैं। मौलाना आज़ाद भी मेरे हैं, सर सैय्यद अहमद खान भी मेरे हैं। अल्लामा इक़बाल भी मेरे हैं, शेखुल हिंद भी मेरे हैं। इस मुल्क के...
उनको कलाम ही चाहिए...न बिस्मिल, न ब्रिगेडियर उस्मान, न सलीम अली, न हमीद न हामिद... पूछिए क्यों? वो बताते हैं हामिद अंसारी सवाल करते हैं... एमएफ हुसैन उपहास करते हैं, गौहर रज़ा कविता लिख देते हैं। उन्हें न शायरी वाला इक़बाल चाहिए और न तबला बजाता ज़ाकिर हुसैन... उन्हें बनारस...

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