Saturday, June 25, 2022
बार बार कहा गया कि दस लाख कर्मचारी निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल कर रहे हैं। बैंककर्मी कहने लगे कि मीडिया नहीं दिखा रहा है। इस कार्यक्रम में भी इस दस लाख की संख्या पर मैं टिप्पणी कर रहा हूँ कि इसका कोई महत्व नहीं रहा, लेकिन मुझे यह नहीं...
भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के सूचना युद्ध की तो उसी समय भनक लग गई थी जब ओमान की एक राजकुमारी ने भारत के खिलाफ एक तथाकथित ट्वीट किया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री मेहमूद क़ुरैशी ने इस पर टिप्पणी दी लेकिन राजकुमारी ने ख़ुद ही स्पष्ट कर दिया कि यह...
सरकार बैंक से लेकर कंपनी तक बेचने जा रही है। इसके लिए तरह-तरह के वाक्य गढ़े गए हैं जिन्हें सुन कर लगेगा कि मंत्र फूंकने वाली है। विरोध-प्रदर्शन से जब कृषि क़ानून वापस नहीं हुए तो सरकारी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को समझना चाहिए कि उनके आंदोलन...
कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी के बारे में कहा कि हम हर किसी का भला चाहते हैं, हम नहीं चाहते कि किसी को चोट लगे लेकिन लेकिन जब स्कूटी ने नंदीग्राम में गिरना तय किया है तो हम क्या करें। प्रधानमंत्री की भाषा का जब कभी अध्ययन होगा...
भारत में इस विषय पर रिसर्च किए जाने की बहुत ज़रूरत है। कई लोग मुझे लिखते हैं कि व्हाट्स एप ग्रुप में रिश्तेदारों से बहस करना मुश्किल हो गया है। वो इतनी सांप्रदायिक बातें करते हैं कि उनसे बहस करना मुश्किल हो गया है। ये रिश्तेदार अपनी मूर्खता को...
प्रधानमंत्री ने टीका ले लिया। टीका लेने की तस्वीर ट्विट कर दी। पहले तो यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री ने एम्स जाते वक्त खुले रास्ते का इस्तमाल किया। उनके रूट को सुरक्षित रास्ते में नहीं बदला गया। अत्यधिक सुरक्षा का जीवन कभी सामान्य नहीं होता इसलिए प्रधानमंत्री को...
ABP न्यूज़ चैनल के रक्षित सिंह के इस्तीफ़े को लेकर कल से लगातार सोच रहा हूं। रक्षित मेरठ में हो रही किसान पंचायत को कवर करने गए थे। उसी के मंच पर जाकर उन्होंने अपना इस्तीफ़ा दे दिया। इस्तीफ़े के साथ-साथ कुछ बातें भी कहीं। इस्तीफ़ा देना साधारण बात...
स्नातक की परीक्षा में कई छात्र प्रश्न का सीधा उत्तर नहीं देते हैं। उत्तर के नाम पर पन्ना भर देते हैं। घंटी बजने तक लिखते रहते हैं। पन्नों को भरते रहते हैं। इस तरह के छात्र कभी स्वीकार नहीं करते कि उन्हें प्रश्नों के उत्तर मालूम नहीं है। कई...
तालाबंदी के कारण निवेश बैठ गया। नौकरी चली गई। सैलरी घट गई। मांग घट गई। तब कई जानकार कहने लगे कि सरकार अपना खर्च करे। वित्तीय घाटे की परवाह न करे। इस बजट में निर्मला सीतारमण ने ज़ोर देकर कहा कि हमने ख़र्च किया है। हमने ख़र्च किया है।...
हिंसा की घटना से किसान खुद शर्मिंदा थे। नेताओं की तरह सीना तान कर सही नहीं ठहरा रहे थे और न भाग रहे थे। बार बार कह रहे थे कि हिंसा ग़लत हुई। अगर किसानों का इरादा हिंसा का होता तो लाखों किसान थे। ज़्यादातर शांति से तय रूट...