Thursday, October 29, 2020
भारत के सामाजिक-राजनीतिक मानस में एक हीनग्रंथि है। कड़े निर्णय लेने और भाषणबाज़ नेता का कांप्लेक्स इतना गहरा है कि यह भारत गांधी जैसे कम और साधारण बोलने वाले को ही नकार देता। नरेंद्र मोदी को जनता के बीच कड़े निर्णय लेने वाले नेता के रूप में स्थापित किया...
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आज जीडीपी के आंकड़े आए हैं। भारत की किसी भी पीढ़ी ने ये आंकड़े नहीं देखे होंगे। 5 अगस्त को नए भारत के उदय के बाद इन आंकड़ों ने रंग में भंग डाल दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही की जीडीपी -23.9 प्रतिशत आई है। सावधान हो...
आज एलान हुआ है कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनेगी। जो केंद्र सरकार की भर्तियों की आरंभिक परीक्षा लेगी। इस आरंभिक परीक्षा से छंट कर जो छात्र चुने जाएंगे उन्हें फिर अलग-अलग विभागों की ज़रूरत के हिसाब से परीक्षा देनी होगी। इसके लिए ज़िलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। कई...
मैं अक्सर सोचता हूँ कि जिन करोड़ों लोगों की नौकरी गई है। जाने वाली है। सैलरी आधी हो गई है। वे लोग आर्थिक मुद्दों पर क्या बिल्कुल नहीं सोचते होंगे? उसकी वास्तविकता और क्रूरता के बारे में क्या उनकी कोई राय बनी होगी? बहुत से लोग लिखते हैं कि...
बेलारूस में भी एक सरकारी टेलिविज़न है जैसे भारत में। वहाँ पर चुनाव हुए हैं। अलेक्ज़ेंडर लुकाशेन्को 1994 से राष्ट्रपति के पद पर हैं। हाल के चुनाव में उन्हें 80 प्रतिशत मत मिले हैं। विपक्ष की उम्मीदवार श्वेतलाना तिखानोवासक्या को 10 प्रतिशत मिले हैं। उनके समर्थक और जनता सड़क...
नई दिल्ली/लखनऊः उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने नफरती टीवी एंकर और भाजपा प्रवक्ता पर साथ मिलकर नफरत फैलाने का आरोप लगाया है। ललन ने एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने टीवी एंकर और भाजपा प्रवक्ता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि टी.वी. न्यूज़...
केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के हलफनामे से साफ़ ज़ाहिर है कि यूनिवर्सिटी की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होंगी। रद्द नहीं होंगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोर्ट से कहा है कि उसने बड़ी संख्या में छात्रों के "शैक्षणिक हित" को ध्यान में रखते हुए 6 जुलाई, 2020 को...
24 घंटे में 1007 लोगों की मौ'त। भारत में 44,386 लोगों की मौत हो चुकी है। 24 मार्च की तालाबंदी के बाद से अगर ये कामयाबी के आंकड़े हैं तो फिर कामयाबी का ही मतलब बदल गया है। हर महीने 10,000 के करीब मौत हुई है। मगर मरने वालों...
खलीफा ने हुकूमती ओहदेदार से फ्रांस के अखबार का पेज लेकर ऊंची आवाज में पढ़ना शुरु कर दिया। निहायत जलाल और गुस्से की हालत में सुल्तान का जिस्म कांप रहा था। जबकि आपका चेहरा लाल हो चुका था। आप वहां मौजूद हुकूमत के ओहदेदारों को मुखातिब करके अखबार में...
ravish583
एक तरह से बहुत अच्छा है कि नौकरी, सैलरी, दुकानदारी चली जाने के बाद लोग संयमित हैं। ख़ुश हैं। आध्यात्मिक हैं। सब्र से है। मार्ग तो यही है। नौकरी में होते हुए भी या नौकरी को खोते हुए भी। आध्यात्म की तरफ़ प्रयाण ही मुक्ति का मार्ग है। यह...