Monday, April 12, 2021
prophet muhammad madina
कोहराम न्यूज़ के लिए जुनैद टाक का लेख  जब से ये दुनिया बनी हैं करोड़ों अरबों लोग आए और चले गए और जब तक ये दुनिया रहेगी तब तक करोड़ों अरबों लोग आते रहेंगे और जाते रहेंगे। इनमें से बहुत से लोगों ने दुनिया में अपनी रहमदिली (दयालुता) दिखाई और...
Today many politicians are mentioning that the main deed of students is study so they should not be involved in politics. I think none of the students will disagree with this statement but a story of a common student who came to study only now in politics. When I...
मुफ़्ती मुहम्मद आरिफ रज़ा इस कांफ्रेंस से आम सुन्नी या मुस्लिम वर्ग को क्या फ़ायदा हुआ यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा मगर इसी बीच कुछ फ़ायदे और कुछ नुकसान गिने जा सकते हैं ! कुछ फ़ायदे:- 1. इस्लाम और सुफिस्म एक दम से चर्चा में आया! 2. प्रधानमंत्री मोदी की जुबान...
नोटबंदी के कारण देश में कितनी काली कमाई छिपाई गई, कितना पैसा बैंकों के पास नहीं पहुँचा और कितनी चोरों ने जेल जाने के डर से करेंसी को नष्ट कर दिया, इसका ख़ुलासा तो नए साल में हो जाएगा लेकिन संसद के इस सत्र को जिस तरह विपक्ष ने...
अभिमन्यु कोहाड़ हमारे प्रधानमंत्री जी नोटबंदी को लेकर सिर्फ वहां बयानबाजी कर रहे हैं जहाँ उनसे कोई सवाल पूछने वाला नहीं है और बयानबाजी भी बिना किसी तर्क की कर रहे हैं। वो संसद में उपस्थित रह कर नोटबंदी के ऊपर उठ रहे सवालों के जवाब नहीं दे रहे हैं...
उत्तर प्रदेश की बंपर जीत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की साख पर मुहर लगाई है और साथ ही भारत में आर्थिक सुधार की दिशा में नोटबंदी समेत उठाए गए अतिरिक्त क़दमों की जनता ने तस्दीक़ कर दी है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष का नोटबंदी को...
देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री देने का श्रेय अगर किसी प्रदेश को है तो वो उत्तर प्रदेश को ही है जिसने अपने शहरो से प्रधानमंत्री जिताकर दिल्ली की सत्ता में बैठाए है।  लगभग 17 साल पहले जिस नेता ने अपने जादू से देश के हीरा व्यापारी राज्य गुजरात से...
वर्षों पुरानी परम्परा, सभ्यता और संस्कृति रही है जिससे लोग एक देश से दूसरे देश में आते जाते रहे है लेकिन पिछले वर्षों की घटनाओं ने झकझोर के रख दिया है पहले ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों को नस्ल और रंग भेद के कारण मारा गया , उसके बाद अब अमेरिका...
-अख़लाक़ अहमद उस्मानी* मध्य एशिया में सबसे स्थिर और तेज़ गति से प्रगति करने वाले देश क़ज़ाख़स्तान में हर साल यूरोप और एशिया के मीडिया में छाए रहने वाले मुद्दों, विचारों, मत और प्रोपेगैंडा पर विमर्श होता है। इस बार यह आयोजन राजधानी अस्ताना की नई नवेली एक्सपो कांग्रेस इमारत...
पुण्य प्रसून बाजपेयी चुनाव की चकाचौंध भरी रंगत 2014 के लोकसभा चुनाव की है। और क्या चुनाव के इस हंगामे के पीछे कारपोरेट का ही पैसा रहा। क्योंकि पहली बार एडीआर ने कारपोरेट फंडिग के जो तथ्य जुगाड़े हैं, उसके मुताबिक 2014 के आम चुनाव में राजनीतिक दलो को जितना...