अटाली गांव से लौटकर: बल्लभगढ़ थाने में दस दिन रहने के बाद जब बुधवार शाम 65 साल के अब्दुल रहमान और उनकी पत्नी ने ताला खोला तो उन्हें गश आ गया..गिरते-गिरते बची..मोटर का काम करने वाले अब्दुल रहमान का एक कमरें वाले छोटे से घर का कूलर तोड़ दिया...
भारत की राजधानी दिल्ली से मिले हुए राज्य हरियाणा में दो दिनों से जारी सांप्रदायिक दंगों ने अब भीषण रुप ले लिया है। दिल्ली से 37 किलोमीटर दूर स्थित फरीदाबाद के इटाली गांव में एक निर्माणधीन मस्जिद को एक समुदाय विशेष ने आग लगा दी और उसके बाद में मुसलमानों...
शुरूआत में जो महज लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र नरेंद्र मोदी की पीएम पद की पुख्ता दावेदारी के लिए गुजरात की सीमा के बाहर किया गया एक इवेंट मैनेजमेंट का प्रयोग भर था, वही अब बीजेपी के लिए एक आजमाया हुआ ऐसा व्यंजन बन गया है जिसके परोसे जाने पर...
" रोहन को उसके माता पिता ने एक प्राइवेट इंजीनियरिंग संस्थान से बी.टेक कराया लगभग 10 लाख रुपए का खर्चा आया कोर्स पूरा करने में, पहले तो रोहन के लिए प्लेसमेंट की प्रॉब्लम और अगर ले दे कर कहीं जॉब लग भी गयी तो वो 20 हजार से अधिक...
लखनऊ, 15 फरवरी 2015। रिहाई मंच ने सन् 2008 में आतंकवादी बताकर गिरफ्तार किए गए बेलगाम, कर्नाटक निवासी इकबाल अहमद जकाती, जो चार साल तक बेगुनाह होते हुए भी जेेल में बंद रहे और बाद में अदालत द्वारा बाइज्जत बरी किए गए, को दंगा भड़काने के एक फर्जी मुकदमें...
  इरफान इंजीनियर    सन् 2014 में सांप्रदायिक हिंसा देश के उन इलाकों में भी फैल गई, जहां उसका कोई इतिहास नहीं था. हापुड़ और लोमी (उत्तरप्रदेश) जैसे छोटे शहरों व हरियाणा के गुड़गांव को सांप्रदायिक हिंसा ने अपनी चपेट में ले लिया. सहारानपुर और हैदराबाद में मुसलमानों और सिक्खों के बीच...
वसीम अख्तर बरकाती अभिव्यक्ति की आज़ादी ,अभिव्यक्ति की आज़ादी पर ,हमला, यह कुछ वाक्य हैं, जो जो फ्रांस की मेगज़ीन शार्ली एब्दो पर हमले के बाद सुनने को मिले है! लेकिन इससे सवाल यह उठता है, कि क्या अभिव्यक्ति की आज़ादी इतना आज़ाद कर देती हैकि एक मेगज़ीन जब चाहे, जैसे चाहे, जिसका...

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