दुनिया में कभी-कभी ऐसे मामलें पेश आते हैं जिनके बाद उन पर विश्वास करना मुमकिन नहीं हो पाता. ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हुआ. जिसमे एक व्यक्ति ने मौत को भी मात दे दी.

दरअसल इंदौर शहर में होमगार्ड के रिटायर्ड कमांडर रामचंद्र दवे की तबियत खराब होने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी जिसके बाद रिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना देने के लिए उनकी शवयात्रा के संबंध में अखबार में विज्ञापन में प्रकाशित करा दिया.

लेकिन जैसे ही परिजन अंतिम संस्कार के लिए रामचंद्र दवे का शव लेने के लिए पहुंचे तो उनकी सांसे दोबारा चलने लगीं. इसके बाद रिदवे को दोबारा फिर से वेंटिलेटर पर रखा गया है.

शवयात्रा के विज्ञापन को रद्द करने के लिए परिजनों को उनके जीवित होने पर फिर से एक विज्ञापन अखबार में जारी करवाना पड़ा जिसमे उनके जीवित होने की खबर दी गई.

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